डेंगू बुखार के लक्षण एवम उपचार (Dengu ka upchar)

dengue ke gharelu upchar, chikungunya ke lakshan, maleriya ke lakshan, viral fever ke lakshan in hindi typhoid ke lakshan, dengue treatment in hindi, desi nuskhe in hindi gharelu upchar in hindi, dadi maa ke gharelu nuskhe, dadi maa ke gharelu nuskhe in hindi health tips in hindi, home remedies in hindi , baba ramdev ka ilaj in Hindi

114
dengue ke gharelu upchar, chikungunya ke lakshan, maleriya ke lakshan, viral fever ke lakshan in hindi typhoid ke lakshan, dengue treatment in hindi, desi nuskhe in hindi gharelu upchar in hindi, dadi maa ke gharelu nuskhe, dadi maa ke gharelu nuskhe in hindi health tips in hindi, home remedies in hindi , baba ramdev ka ilaj in Hindi
dengue ke gharelu upchar, chikungunya ke lakshan, maleriya ke lakshan, viral fever ke lakshan in hindi typhoid ke lakshan, dengue treatment in hindi, desi nuskhe in hindi gharelu upchar in hindi, dadi maa ke gharelu nuskhe, dadi maa ke gharelu nuskhe in hindi health tips in hindi, home remedies in hindi , baba ramdev ka ilaj in Hindi
loading...

डेंगू एक ऐसी बीमारी है जो की एडीज नामक मच्छर के काटने से फलती है|इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है|आज कल ये भारत देश में आम बीमारी हो गयी है| डेंगू एक संक्रमन से फैलने वाली बीमारी है| यह बीमारी किसी व्यक्ति के साथ खाना खाने, या हाथ मिलाने से नहीं फलती बल्कि एडीज नामक मच्छर इस बीमारी को फ़ैलाने का काम करता है| ये मच्छर बीमार व्यक्ति के खून को चूस कर दुसरे व्यक्ति में फेलाने का काम करता है|   इसका मच्छर साफ व् ठहरे हुए पानी में होता है| जेसे की कूलर, खुली टंकी या किसी जगह रुका हुआ साफ पानी| इस बीमारी में मरीज के प्लेटलेट्स कम होते चले जाते है जिससे शरीर में खून की कमी होने लगती है| डेंगू के मच्छर के काटने पर बुखार होने लगता है| सारा शरीर टूटने लगता है| वेसे कई बार मच्छर के काटने पर बुखार 5 से 7 दिन बाद दिखाई देता है| दुनिया भर में हर साल डेंगू जेसी भयानक बीमारी के कारण लाखों लोगो को अपनी जिन्दगी से हाथ धोना पड़ता है|  इसका मच्छर ज्यादातर दिन के समय लोगो पर अटैक करता है| इस बुखार की पुष्टि मेडिकल लैब में खून टेस्ट होने के बाद ही होती है| इंडिया में इस बीमारी की अभी तक कोई विशेष दवा या वेकसीन नहीं बनी है| इस बीमारी में डॉक्टर अपने तरीके से इलाज करता है| इसमें डॉक्टर पेरासिटामोल नामक दवाई के साथ साथ ग्लूकोस लगाता है| आप इस बीमारी से आसानी से छुटकारा पा सकते है| हम उसके लिए यहाँ पर लेख के द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा में छुपे अद्भुत औषदी द्वारा इस बीमारी का इलाज बता रहे है| जिन्हें अपनाकर आप जल्द से जल्द डेंगू नामक भयंकर बीमारी से छुटकारा पा सकते है|

डेंगू बुखार के लक्षण

तेज बुखार

हाथ पैर के जोड़ो में दर्द

सिर दर्द

उल्टी होना

दस्त लगना

पुरे शरीर का टूटना

शरीर पर लाल चकते हो जाना

नाक से खून आना

मच्छर की विशेषता  

जादातर ये मच्छर दिन में काटते है|

ठन्डे व् अँधेरी जगह रहते है|

साफ व् ठेहरे हुए पानी में पनपते है|

पानी के सुख जाने पर भी इनके अंडे 12 महीनो तक सुरक्षित रहते है|

अपने प्रजनन जगह से बस 200 मीटर की दुरी तक ही उड़ते है|

ये मच्छर जयादा उच्चे नहीं उड़ते|

डेंगू का सबसे बड़ा कारण मच्छर है|

डेंगू बुखार से बचाव/ डेंगू के उपचार

वेसे तो इसका सबसे बढ़िया तरीका अपने आस पास साफ सफाई का धयान रख कर इन मछरो को पनपने से रोकना ही है| जिससे ये घर में किसी और व्यक्ति को ना हो पाए| इसमें मरीज को जितना हो सके लिक्विड लेते रहना चाहिए जिससे शरीर में पानी की कमी ना हो पाए|

पपीते के पतों का रस इस बीमारी में राम बाण का काम करता है| इसके लेते रहने से प्लेटलेट्स जल्दी से बढना शुरू हो जाते है| इन पत्तो को पिस कर जूस बना ले फिर इसका सेवन करे|

नारियल पानी यह एक प्राकृतिक ग्लूकोस की तरह काम करता है | इसके सेवन से रोगो से लड़ने की शक्ति भी मिलती है| डेंगू में इसका सेवन जितना हो सके उतना करना चाहिए|

दूध डेंगू में प्लेटलेट को बढ़ाने के लिए बकरी का दूध, और उटनी का दूध अच्छा मन गया है| इसके सेवन से पहले दिन से ही प्लेटलेट कम होना बंद हो जाते है| यह दूध जोड़ो के दर्द में भी निजात दिलाता है|

गिलोयः गिलोय की बेल आयुर्वेद में अंदरूनी दर्द निवारक मानी गयी है| यह मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने में  मदद करती है| इस बेल को पानी में उबालकर पिने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढती है| इसका सेवन करने से सभी तरह के बोखर ख़तम हो जाते है| गिलोय बेल न मिलने पर इसका सत भी मेडिकल स्टोर पर मिलता है|

तुलसी के पत्ते व् काली मिर्च को पानी में उबालकर चाय की तरह पिने से डेंगू में बहूत आराम मिलता है| और इससे मरीज का मूढ़ भी ठीक हो जाता है| जिससे वो अपने शरीर में ताजगी का अनुभव करता है|

गोल्डनसीलः यह ठन्डे इलाके में पाए जानि वाली एक हर्ब है, जिसे दवाई बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है| इसके लेने से डेंगू बुखार को बहुत तेजी से खत्म किया जा सकता है इसके पत्ते को पिस कर या जूस में मिलाकर लिया जा सकता है|

पुदीना व् मेथी के पतों को उबालकर उसका रस निकल ले और इसे डेंगू के मरिज को देने से उसे अच्छी नींद आती है|

dengue ke gharelu upchar, chikungunya ke lakshan, maleriya ke lakshan, viral fever ke lakshan in hindi typhoid ke lakshan, dengue treatment in hindi, desi nuskhe in hindi
gharelu upchar in hindi, dadi maa ke gharelu nuskhe, dadi maa ke gharelu nuskhe in hindi
health tips in hindi, home remedies in hindi , baba ramdev ka ilaj in Hindi

Status in Hindi
loading...